रोकड़ बही (कैश बुक) Excel फ़ॉर्मेट और दिन का हिसाब
इस मुफ़्त Excel रोकड़ बही में गल्ले में आया और गया हर पैसा लिखें, और दुकान बंद करते समय जानें कि गल्ले में कितना होना चाहिए। जैसे दिन ₹500 से शुरू हुआ, ₹1,250 की नकद बिक्री आई, ₹400 थोक वाले को गए और ₹60 चाय-सफ़ाई पर, तो गल्ले में ₹1,290 होने चाहिए।
अपडेट किया गया:
| तारीख़ | विवरण | आए | गए | बैलेंस |
|---|---|---|---|---|
| 3 नव॰ 2026 | शुरुआती बैलेंस, कल का बचा (उदाहरण) | ₹500.00 | ₹500.00 | |
| 3 नव॰ 2026 | नकद बिक्री (उदाहरण) | ₹1,250.00 | ₹1,750.00 | |
| 3 नव॰ 2026 | थोक वाले को भुगतान (उदाहरण) | ₹400.00 | ₹1,350.00 | |
| 3 नव॰ 2026 | चाय और सफ़ाई (उदाहरण) | ₹60.00 | ₹1,290.00 |
Excel फ़ाइल खुलते ही कुल हिसाब ख़ुद लगाती है। PDF आपके ब्राउज़र में बनती है; आपकी लिखी कोई चीज़ नहीं भेजी जाती।
फ़ाइल में क्या है?
- रोकड़ बही शीट: तारीख़, विवरण, आए, गए और बैलेंस; 300 लाइनें तैयार, बैलेंस फ़ॉर्मूले से अपने-आप निकलता है।
- दिन का हिसाब शीट: गल्ले में गिने पैसे, बही के हिसाब से जितने होने चाहिए, और दोनों का फ़र्क।
- कैसे इस्तेमाल करें शीट: छोटी-सी गाइड।
- Excel, Google Sheets, LibreOffice और Numbers में खुलती है; फ़ॉर्मूले सिर्फ़ SUM, IF और AND हैं।
रोकड़ बही में गल्ले में आई और गई हर रकम एक लाइन में लिखी जाती है; बैलेंस = शुरुआती बैलेंस + आए − गए। ऊपर वाले दिन का हिसाब: ₹500 + ₹1,250 − ₹400 − ₹60 = ₹1,290, जिसे दुकान बंद करते समय गिने हुए पैसों से मिलाएँ।
शुरुआती बैलेंस (कल का बचा): आए ₹500 → बैलेंस ₹500 नकद बिक्री: आए ₹1,250 → बैलेंस ₹1,750 थोक वाले को भुगतान: गए ₹400 → बैलेंस ₹1,350 चाय और सफ़ाई: गए ₹60 → बैलेंस ₹1,290
पिछला बैलेंस आगे कैसे लाएँ?
पहली लाइन में सुबह गल्ले में जो पैसे थे, उन्हें “शुरुआती बैलेंस” लिखकर “आए” कॉलम में भरें। अगले दिन उसी शीट में नीचे लिखते जाएँ; हर लाइन का बैलेंस उस लाइन तक के सारे आए पैसों में से सारे गए पैसे घटाता है, इसलिए एक दिन का आख़िरी बैलेंस अपने-आप अगले दिन का शुरुआती बैलेंस बन जाता है। नए महीने या साल के लिए फ़ाइल की कॉपी बनाएँ और पहली लाइन में पिछला आख़िरी बैलेंस लिखें।
दिन का हिसाब कैसे मिलाएँ?
- गल्ले के नोट और सिक्के गिनें: कैश गिनती कैलकुलेटर कुल रकम बताता है।
- गिनी हुई रकम “दिन का हिसाब” शीट में लिखें।
- शीट बताती है कि बही के हिसाब से गल्ले में कितने होने चाहिए और फ़र्क कितना है: प्लस मतलब ज़्यादा, माइनस मतलब कम। जैसे बही ₹1,290 कहती है और गिनती ₹1,280 निकली, तो फ़र्क −₹10 है: गल्ला ₹10 कम है।
- फ़र्क हो तो वजह ढूँढें: कोई ख़र्च लिखा नहीं गया, UPI या कार्ड से आए पैसे नकद मान लिए गए, उधार की बिक्री उधार खाते में नहीं लिखी गई, या छुट्टे ग़लत लौटाए गए।
उधार और UPI के पैसे कहाँ लिखें?
रोकड़ बही सिर्फ़ हाथ से आने-जाने वाला नकद रखती है। उधार की बिक्री गल्ले में नहीं आती; ग्राहक जब पैसे देता है, तब आती है। UPI और कार्ड के पैसे सीधे बैंक में जाते हैं, इसलिए रोकड़ बही में नहीं लिखे जाते। उधार उधार खाता Excel फ़ॉर्मेट या Baki Fast में रखें; Baki Fast की कैशबुक दिन के आए और गए नकद को उधार से अलग दिखाती है।
यह फ़ॉर्मेट रोज़ के अपने हिसाब के लिए है; टैक्स के नियम जो आधिकारिक बही-खाते माँग सकते हैं, उनकी जगह नहीं लेता। कौन-सी बही रखनी ज़रूरी है, अपने CA से पूछें।
सवाल-जवाब
रोकड़ बही कितने प्रकार की होती है?
पढ़ाई की किताबों में आम तौर पर ये प्रकार मिलते हैं: एक कॉलम वाली (सिर्फ़ नकद), बैंक कॉलम वाली (नकद और बैंक), कुछ किताबों में छूट के कॉलम वाली तीन कॉलम की, और छोटे ख़र्चों की खुदरा रोकड़ बही (पेटी कैश बुक)। यह फ़ॉर्मेट एक कॉलम वाली, सिर्फ़ नकद की रोकड़ बही है, जो दुकान के गल्ले के लिए काफ़ी है।
रोकड़ बही का बैलेंस (संतुलन) कैसे निकालते हैं?
शुरुआती बैलेंस में सारे आए पैसे जोड़ें और सारे गए पैसे घटाएँ; यही दिन का आख़िरी बैलेंस है, जो अगले दिन का शुरुआती बैलेंस बनता है। हाथ में नकद शून्य से कम नहीं हो सकता, इसलिए रोकड़ बही का बैलेंस कभी माइनस में नहीं आता; आए तो कोई एंट्री छूटी है।
Excel में रोकड़ बही कैसे बनाएँ?
तारीख़, विवरण, आए, गए और बैलेंस के कॉलम बनाएँ; बैलेंस की पहली सेल में =SUM($C$2:C2)-SUM($D$2:D2) लिखकर नीचे तक खींचें। इस फ़ॉर्मेट में यह फ़ॉर्मूला पहले से लगा है।