महंगाई आपके उधार के पैसों के साथ क्या करती है
देखें कि महीनों पुराना उधार आज असल में कितने का रह गया। 10% सालाना महंगाई पर एक साल पहले लिखा ₹1,000 का उधार आज लगभग ₹909 के सामान जितना ही है। रकम, उधार का महीना और सालाना दर लिखें; बाकी हिसाब टूल लगाता है।
अपडेट किया गया:
रकम और महीना लिखें।
हिसाब आपके ब्राउज़र में होता है। Baki Fast सर्वर से सिर्फ़ दाम के आँकड़े आते हैं; आपकी लिखी रकम नहीं भेजी जाती।
हिसाब कैसे लगता है?
पुराने उधार की आज की क़ीमत = उधार ÷ तब से दामों में हुई बढ़ोतरी। ₹1,000 का उधार, 10% सालाना महंगाई और एक साल: 1,000 ÷ 1.10 = लगभग ₹909।
आप जो सालाना दर लिखते हैं, उसे उधार के महीने से आज तक के महीनों पर फैलाया जाता है: 6% सालाना पर 6 महीने का गुणक है 1.06 का वर्गमूल, यानी लगभग 1.0296। ₹10,000 को इससे भाग दें तो आज के पैसों में लगभग ₹9,713 बचते हैं; बाकी लगभग ₹287 महंगाई ले गई।
भारत की महंगाई दर कहाँ देखें?
इस पेज पर सालाना दर आप ख़ुद लिखते हैं। भारत में उपभोक्ता महंगाई (CPI) के आँकड़े हर महीने सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) का राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) जारी करता है; RBI की मौद्रिक नीति में भी महंगाई की चर्चा होती है। ताज़ा सालाना आँकड़ा वहीं से लें।
इससे बचने के लिए क्या करें?
- उधार देने से पहले चुकाने की तारीख़ तय करें, बाद में नहीं।
- बड़ी रकम को किस्तों में बाँटें, हर किस्त की अपनी तारीख़ के साथ; किस्त कैलकुलेटर से हिसाब देखें।
- देरी पर कुछ अतिरिक्त लेना हो, तो बिक्री से पहले लिखकर तय करें; देखें उधार बेचने के नियम।
Baki Fast में तारीख़ निकल चुका बकाया अलग दिखता है, और Pro में यह भी कि उधार कितना पुराना है; देखें रिपोर्ट और Excel।
सवाल-जवाब
क्या नतीजा बिल्कुल सही है?
नहीं, यह अंदाज़ा है। उपभोक्ता महंगाई एक औसत है; आपकी दुकान के सामान के दाम उससे ज़्यादा या कम बढ़े हो सकते हैं।
क्या यह ब्याज का हिसाब है?
नहीं। यह सिर्फ़ ख़रीदने की ताक़त में आई कमी दिखाता है; ब्याज या जुर्माना नहीं जोड़ता।