मुनाफ़ा, मार्जिन और मार्कअप कैलकुलेटर
दाम तय करने से पहले अपना असली मुनाफ़ा देखें। ₹80 में ख़रीदकर ₹100 में बेचें, तो ₹20 बचते हैं: यह बिक्री के दाम पर 20% मार्जिन है, या ख़रीद पर 25% मार्कअप। ₹70 की चीज़ पर 30% मार्जिन चाहिए, तो उसे ₹100 में बेचें।
अपडेट किया गया:
मार्जिन
20%
मुनाफ़ा: ₹20.00
मार्कअप (ख़रीद पर)
25%
हिसाब आपके ब्राउज़र में होता है; कुछ नहीं भेजा जाता।
फ़ॉर्मूले
- मुनाफ़ा = बिक्री का दाम − ख़रीद का दाम
- मार्जिन = मुनाफ़ा ÷ बिक्री का दाम
- मार्कअप = मुनाफ़ा ÷ ख़रीद का दाम
- चाहे गए मार्जिन के लिए दाम = ख़रीद का दाम ÷ (1 − मार्जिन)
- चाहे गए मार्कअप के लिए दाम = ख़रीद का दाम × (1 + मार्कअप)
ख़रीद ₹70, चाहिए 30% मार्जिन: 70 ÷ (1 − 0.30) = 70 ÷ 0.70 = ₹100 मुनाफ़ा ₹30; 30 ÷ 100 = 30% मार्जिन इसकी जगह 30% मार्कअप लगाएँ: 70 × 1.30 = ₹91 (मार्जिन सिर्फ़ 23%)
मार्जिन या मार्कअप: फ़र्क क्यों मायने रखता है?
दुकानदार अक्सर कहते हैं “ख़रीद पर 30% चढ़ाता हूँ”: यह मार्कअप है। पर किराया, तनख़्वाह और बिजली का बिल बिक्री से निकलते हैं, इसलिए उनका हिसाब मार्जिन से होता है। 30% चढ़ाने से 30% मार्जिन नहीं मिलता: ऊपर के उदाहरण में सिर्फ़ 23% मिला।
GST सबसे आख़िर में
मार्जिन का हिसाब बिना GST वाले दामों पर करें, फिर शेल्फ़ के दाम के लिए GST जोड़ें। कैलकुलेटर में GST की दर लिखें, तो GST के साथ बिक्री का दाम भी दिखता है। GST के लिए अलग से GST कैलकुलेटर है।
जब सप्लायर दाम बढ़ाए
नया ख़रीद का दाम लिखें और मार्जिन वही रखें, तो नया बिक्री का दाम मिल जाता है। दाम कितने प्रतिशत बढ़ा, यह डिस्काउंट और प्रतिशत कैलकुलेटर से देखें।
यह कैलकुलेटर अपनी साइट पर लगाएँ
कोड कॉपी करके अपने पेज में डालें। टूल मुफ़्त चलता है, नीचे Baki Fast का छोटा-सा लिंक रहता है।
सवाल-जवाब
क्या मार्जिन 100% से ज़्यादा हो सकता है?
नहीं, मार्जिन बिक्री के दाम का हिस्सा है, और मुनाफ़ा पूरे दाम से ज़्यादा नहीं हो सकता। मार्कअप हो सकता है: ₹50 में ख़रीदकर ₹150 में बेचना 200% मार्कअप है।
छोटी दुकान के लिए अच्छा मार्जिन कितना है?
यह काम पर निर्भर है: किराने में मार्जिन कम होता है, कपड़ों और एक्सेसरीज़ में ज़्यादा। पहले वह मार्जिन निकालें जिससे महीने के ख़र्च निकल जाएँ: ब्रेक-ईवन कैलकुलेटर।